बैठ कुऐं की मुंडेर पे

सहेली
आ बैठ मेरे पास
मनं की दो बातें कर लूँ
फीर भर के घड़ा पानी का
अपने घर को चल दूँ
सहेली
आ बैठ मेरे पास
मनं की दो बातें कर लूँ
फीर भर के घड़ा पानी का
अपने घर को चल दूँ

सुबह से सोच रही थी
कब , भरने पानी मैं जाऊं
बैठ मुंडेर पे कुऐं की
सहेली को मनं का हाल सुनाऊं
सहेली
आ बैठ मेरे पास
मनं की दो बातें कर लूँ
फीर भर के घड़ा पानी का
अपने घर को चल दूँ

सास मेरी बहु को बेटी ना माने
बना बना के मुहं टेढ़ा
देती है मुझ को ताने
माइके वाले मेरे उसे एक आंख ना भाये
कहती है तुझे देने वाले जन्म
सीधे नरक में जायें
मनं करता है सास से एक बार जी भर के लड़ लूँ
सहेली
आ बैठ मेरे पास
मनं की दो बातें कर लूँ
फीर भर के घड़ा पानी का
अपने घर को चल दूँ

बालम मेरा माँ का लाडला
बातों को मेरी वोह है टालता
सास मेरी की हर बात वोह माने
में कुछ कहती हूँ तो मुहँ फुला लेता है
कीसी न कीसी बहाने
सिसकियाँ भर लूँ
मनं हल्का में कर लूँ
सहेली
आ बैठ मेरे पास
मनं की दो बातें कर लूँ
फीर भर के घड़ा पानी का
अपने घर को चल दूँ

{संजय कुमार फरवाहा}

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8 Comments (+add yours?)

  1. BAAS VOICE
    Nov 14, 2010 @ 13:55:20

    लेखन अपने आपमें रचनाधर्मिता का परिचायक है. लिखना जारी रखें, बेशक कोई समर्थन करे या नहीं!

    बिना आलोचना के भी लिखने का मजा नहीं!

    यदि समय हो तो आप निम्न ब्लॉग पर लीक से हटकर एक लेख

    “आपने पुलिस के लिए क्या किया है?”
    पढ़ सकते है.

    http://baasvoice.blogspot.com/
    Thanks.

    Reply

  2. krjoshi
    Nov 14, 2010 @ 12:32:28

    बहुत अच्छी पोस्ट| धन्यवाद|

    Reply

  3. surendra singh bhamboo
    Nov 09, 2010 @ 07:21:15

    ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

    कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

    Reply

  4. lokendra singh rajput
    Nov 08, 2010 @ 19:50:38

    आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है ..

    Reply

  5. kshama
    Nov 08, 2010 @ 16:46:41

    Swagat hai!

    Reply

  6. Dimple Sharma
    Nov 08, 2010 @ 16:42:28

    बहुत सुंदर रचना

    Reply

  7. संगीता पुरी
    Nov 08, 2010 @ 16:37:26

    इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    Reply

  8. shama
    Nov 08, 2010 @ 16:16:52

    Tahe dil se swagat hai!

    Reply

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