छोटा सा गोपाला

माँ यशोदा अपने बेटे कृष्ण को प्यार करती है और गाती है

छोटा सा गोपाला

छोटा सा गोपाल रे
मेरा नन्द लाला रे
छोटा सा कन्हया रे
ले लूँ में बल्लियाँ रे

छोटे छोटे हाथ इसके
छोटे छोटे पावं इसके
मीठी मीठी बतियाँ रे
में सुनु दीन रतिया रे
छोटा सा गोपाल रे
मेरा नन्द लाला रे
छोटा सा कन्हया रे
ले लूँ में बल्लियाँ रे

कभी ये हसता है
कभी ये रुलाता है
पीछे पीछे दोडू में
यह पकड़ में न आता है
देखो केसा छलिया रे
बजाये यह मुरलिया रे

छोटा सा गोपाल रे
मेरा नन्द लाला रे
छोटा सा कन्हया रे
ले लूँ में बल्लियाँ रे

{ संजय कुमार फरवाहा }

जीभा को मेरे प्रभु दे दो वरदान

भजन

जीभा को मेरे प्रभु दे दो वरदान
जपता रहूँ सुबह शाम एक ही नाम
राम राम राम
मेरे प्रभु राम राम राम
सुबह को राम
शाम को राम
दीन को राम और
रात को राम
राम राम राम
मेरे प्रभु राम राम राम

 

मैं मुरख
पापों की गठड़ी
बन के अहील्या
तेरे राह मैं भटकी
चरण लगा दो
मुक्ती दीला दो
कर दो प्रभु जी मेरा भी कल्याण
राम राम राम
मेरे प्रभु
राम राम राम
जीभा को मेरे प्रभु दे दो वरदान
जपता रहूँ सुबह शाम एक ही नाम
राम राम राम
मेरे प्रभु
राम राम राम
सुबह को राम
शाम को राम
दिन को राम और
रात को राम
राम राम राम
मेरे प्रभु
राम राम राम


राम मेरे ने दुनिया को तारा
कभी लगा के चरण
तो कभी चरणों की धुल से उद्धरा
जूठे बैर शबरी के खा कर
निषाद राज को गले लगा कर
जात पात और उंच नीच का मिटाया अभीमान

राम राम राम
मेरे प्रभु राम राम राम
राम राम राम
मेरे प्रभु
राम राम राम

जीभा को मेरे प्रभु दे दो वरदान
जपता रहूँ सुबह शाम एक ही नाम
राम राम राम
मेरे प्रभु राम राम राम


( संजय कुमार फरवाहा )