अनमोल पूत

आज मैं शत् शत् नमन करता हूँ
भारत माता के अलबेले अनमोल पूत को
जिसने पूरे विश्व में नाम कमाया था
आज मैं शत् शत् नमन करता हूँ
उसे जो भारत के लिए संविधान ले के आया था

परेशानी , दुःख और गरीबी में जो जन्मा था
वही भारत माता का स्वाभिमान ले के आया था
आज मैं शत् शत् नमन करता हूँ
भारत माता के अलबेले अनमोल पूत को
जो भारत के लिए संविधान ले के आया था

जिसने जीवन भर शिक्षित बनो , संगठित रहो ,
संघर्ष करो का सन्देश फैलाया था
जिसने दलित भाई, पुस्तकों और
भारत देश पर असीम प्रेम लुटाया था
जो भारत की खोई आन -बान ले के आया था
आज मैं शत् शत् नमन करता हूँ
भारत माता के अलबेले अनमोल पूत को
जो भारत के लिए संविधान ले के आया था

कर्तव्य परायणता , ईमानदारी , मेहनत, लगन और अथाह ज्ञान का सागर
जिसने पूरे विश्व में अपने ज्ञान का लोहा मनवाया था
आज मैं शत् शत् नमन करता हूँ
भारत माता के अलबेले अनमोल पूत को
जो भारत के लिए संविधान ले के आया था

दलितों और अस्पर्शयों के
राजनीतिक, सामाजिक , धार्मिक अधिकारों के लिए
संघर्ष करते-करते जिसने अपना सारा जीवन बिताया था
जो लोकतन्त्र वाला यश-गान ले के आया था
आज मैं शत् शत् नमन करता हूँ
भारत माता के अलबेले अनमोल पूत को
जो भारत के लिए संविधान ले के आया था

सारी मानव जाती के अस्तित्व के संघर्ष के लिए समर्पित
राजनेता , उत्कृष्ट समाज सेवी, चिन्तक, तेजस्वी वक्ता
कानून विशेषज्ञ, विख्यात अर्थशास्त्री और इन सब से
बढ़कर एक प्रखर राष्ट्रभक्त
भारत रत्न ,
जो बाबा साहिब कहलाया था
आज मैं शत् शत् नमन करता हूँ
भारत माता के अलबेले अनमोल पूत
बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को
जो भारत के लिए संविधान ले के आया था

{संजय कुमार फरवाहा }

सफाई वाला

सफाई वाला

 


-संजय कुमार फरवाहा

मेरी नजर से देखिए। जरा सोचिए, हम जरा सा भी बीमार हो जाते हैं तो सीधे डॉक्टर के पास दोड़े दोड़े चले जाते हैं। डॉक्टर से इलाज करवाते हैं। ठीक होकर घर वापिस चले आते हैं, जब भी बीमारी के बारे में सोचते हैं तो कहते हैं मुझे तो डॉक्टर ने बचा लिया, वो तो भग्वान का रूप है। पर मैं सोचता हूँ की एक इंसान और है जो जो डॉक्टर से पहले हमें बिमारिओं से बचाता है। हम में से किसी ने उस के बारे में शायद सोचा भी नहीं होगा कभी भी उसे भगवान का का दर्जा नहीं दिया होगा। क्या आप जानते हैं वोह कौन है ? वोह है एक आम सा दीखने वाला सफाई करने वाला। सफाई वाला ही एक ऐसा इंसान है जो हमें डॉक्टर से पहले सफाई कर हजारों बीमारीओं से बचाता है। खुद को फैले गंद, गंदे पानी और बदबू का सामना करके अपनी सासों को भारी करके आप को साफ सांसे दिल्वाता है। फिर भी आपकी प्रशंसा के दो बोल सुन्ने को तरस जाता है। आप की ही उपेक्षा का शिकार बन कर रह जाता है, जरा मेरे नज़रिए से सोचिए वो आप के स्वास्थ्य को ठीक रखने में कितना मददगार साबित होता है ।

November 6th, 2010 | Tags: